डायबिटिक न्यूरोपैथी के शुरुआती संकेत, पैरों की सुन्नता को हल्के में न लें

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डायबिटीज का असर केवल रक्त शर्करा की रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहता। लंबे समय तक अनियंत्रित स्तर शरीर की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसकी शुरुआत अक्सर पैरों से होती है।

लंबे समय तक बढ़ी ब्लड शुगर नसों को नुकसान पहुंचा सकती है। पैरों में झनझनाहट, जलन या संवेदना कम होना जांच की जरूरत बताता है।

डायबिटिक न्यूरोपैथी में समय पर पहचान और रोजाना फुट केयर गंभीर जटिलता से बचा सकती है।

Kivy News विश्लेषण

क्या है पूरा अपडेट

झनझनाहट, जलन, बिजली जैसा दर्द, सुन्नता या तापमान का कम एहसास सामान्य संकेत हैं। संवेदना घटने पर छोटा घाव भी बिना ध्यान दिए गंभीर संक्रमण बन सकता है।

नियमित ब्लड शुगर नियंत्रण, निर्धारित दवाएं, संतुलित भोजन और शारीरिक गतिविधि जोखिम घटाने का आधार हैं। तंबाकू और अत्यधिक शराब नसों की समस्या बढ़ा सकते हैं।

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है

मधुमेह वाले लोगों को रोज पैरों की त्वचा, नाखून और तलवों की जांच करनी चाहिए। नंगे पैर चलने और बहुत गर्म पानी में पैर डालने से बचें।

इस रिपोर्ट में उपलब्ध तथ्यों को पाठकों के लिए स्वतंत्र और संक्षिप्त हिंदी रूप में प्रस्तुत किया गया है। अंतिम निर्णय या आधिकारिक स्थिति के लिए संबंधित संस्था के नवीनतम अपडेट को प्राथमिकता दें।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर

घाव, रंग बदलना, सूजन, कमजोरी या अचानक बढ़ा दर्द दिखे तो डॉक्टर से जल्दी संपर्क करें। यह लेख चिकित्सकीय निदान का विकल्प नहीं है।

स्रोत संदर्भ: MTTV India — https://www.mttvindia.com/diabetic-neuropathy-can-become-a-serious-threat-timely-identification-is-necessary/

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