अजमेर के जेएलएन नर्सिंग स्कूल में विद्युत सुरक्षा को लेकर कार्यशाला, विद्यार्थियों को बताए जोखिमों से बचाव के उपाय

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अजमेर के जेएलएन नर्सिंग स्कूल में नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए विद्युत सुरक्षा को लेकर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विद्यार्थियों को वेंटिलेटर, पेशेंट मॉनिटर सहित अन्य हाई-सेंसिटिव मेडिकल उपकरणों से जुड़े विद्युत जोखिमों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को खराब प्लग-सॉकेट, क्षतिग्रस्त विद्युत तार, ओवरलोडिंग, स्पार्किंग और बार-बार बिजली ट्रिप होने जैसे संभावित खतरे के संकेतों की पहचान करने के बारे में बताया गया।

मेडिकल उपकरणों से जुड़े विद्युत जोखिमों की दी जानकारी

कार्यशाला में वेंटिलेटर, पेशेंट मॉनिटर और अन्य हाई-सेंसिटिव मेडिकल उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान सामने आने वाले विद्युत जोखिमों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को ऐसे खतरों की पहचान करने और समय रहते उचित व्यक्ति को इसकी सूचना देने के बारे में समझाया गया।

खराब सॉकेट और क्षतिग्रस्त तारों से सावधान रहने की सलाह

विद्यार्थियों को खराब प्लग-सॉकेट, क्षतिग्रस्त तार, ओवरलोडिंग, स्पार्किंग और बार-बार बिजली ट्रिप होने जैसे खतरे के संकेतों को पहचानने की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें अपने कार्यस्थल पर सेफ्टी ऑब्जर्वर की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

नर्सिंग स्टाफ का काम विद्युत उपकरणों की मरम्मत करना नहीं, बल्कि खतरे की पहचान कर समय रहते संबंधित व्यक्ति को सूचना देना है।

एवीबीएनएल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नर्सिंग स्टाफ को विद्युत उपकरणों की मरम्मत करने के बजाय संभावित खतरे को पहचानकर संबंधित व्यक्ति तक इसकी सूचना पहुंचानी चाहिए। इससे कार्यस्थल पर विद्युत सुरक्षा को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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