अजमेर नगर निगम चुनाव 2026: बोर्ड कौन बनाएगा? 37 कांग्रेस, 32 भाजपा और 11 निर्दलीयों पर टिकी नजर

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अजमेर नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अजमेर में बोर्ड कौन बनाएगा? 80 वार्डों के घोषित परिणाम में कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि भाजपा ने 32 वार्डों में जीत दर्ज की है। वहीं 11 निर्दलीय पार्षदों की जीत के बाद बोर्ड गठन और मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

80 वार्डों में कांग्रेस 37, भाजपा 32 और निर्दलीय 11

अजमेर नगर निगम के सभी 80 वार्डों के नतीजे सामने आ चुके हैं। कांग्रेस ने 37 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के खाते में 32 सीटें आईं। इसके अलावा 11 निर्दलीय उम्मीदवार भी पार्षद चुने गए हैं। किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण अब बोर्ड गठन के लिए राजनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण हो गए हैं।

80 सदस्यीय नगर निगम में बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन जरूरी है।

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11 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम

कांग्रेस और भाजपा दोनों ही बहुमत के आंकड़े 41 से नीचे हैं। ऐसे में 11 निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन और मेयर चुनाव के समीकरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। किस पक्ष को निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलता है, यह आगे की राजनीतिक प्रक्रिया में अहम होगा।

क्या कांग्रेस निर्दलीयों के समर्थन से बनाएगी बोर्ड?

कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है और बहुमत से चार सीट दूर है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलने पर कांग्रेस बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकती है। हालांकि बोर्ड गठन का अंतिम समीकरण संबंधित पार्षदों के समर्थन और आगामी राजनीतिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

भाजपा के सामने भी बोर्ड बनाने की चुनौती

भाजपा के पास 32 सीटें हैं और बहुमत के लिए उसे भी निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों की नजर अब 11 निर्दलीय पार्षदों पर बनी हुई है।

मेयर की कुर्सी पर किसकी नजर?

बोर्ड गठन के साथ ही मेयर चुनाव को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कांग्रेस और भाजपा के बीच मेयर पद को लेकर मुकाबला अब पार्षदों के समर्थन के समीकरणों से जुड़ गया है। मेयर चुनाव में किसे कितना समर्थन मिलता है, इसका फैसला आगामी चुनावी प्रक्रिया में होगा।

अजमेर में बोर्ड कौन बनाएगा? क्या निर्दलीय पार्षद किसी एक पक्ष के साथ जाएंगे? मेयर की कुर्सी किसके हिस्से आएगी? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम और मेयर चुनाव की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होंगे।

नोट: 80 वार्डों में कांग्रेस को 37, भाजपा को 32 और निर्दलीयों को 11 सीटें मिली हैं। 41 सीटें बहुमत का आंकड़ा है। बोर्ड गठन और मेयर चुनाव का अंतिम परिणाम संबंधित आधिकारिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

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