रक्षाबंधन के त्योहार में अब महज दो दिन बाकी हैं और अजमेर में इसका उत्साह साफ नजर आने लगा है। भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए महिलाएं अपने मायके की ओर रवाना हो रही हैं। अजमेर बस स्टैंड पर भी यात्रियों की भीड़ और राखी के लिए घर लौट रही महिलाओं में खास उत्साह देखने को मिला। इस दौरान महिलाओं ने भाई-बहन के रिश्ते, बचपन की यादों और रक्षाबंधन की तैयारियों को लेकर अपनी बातें साझा कीं।
रक्षाबंधन को लेकर बस स्टैंड पर बढ़ी भीड़
रक्षाबंधन से पहले अजमेर बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या बढ़ती नजर आई। महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए अलग-अलग शहरों और कस्बों की ओर रवाना होती दिखाई दीं। वीडियो में बताया गया कि राखी की टिकट के लिए भी लंबी कतारें लग रही हैं। महिलाओं के साथ पुरुषों में भी रक्षाबंधन को लेकर उत्साह नजर आया।
केकड़ी जा रहीं रिंकू ने साझा की बचपन की यादें
इस दौरान रिंकू अहीर से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि वह केकड़ी की रहने वाली हैं और रक्षाबंधन के लिए केकड़ी जा रही हैं, जबकि उनका ससुराल शिवगंज है। बचपन और वर्तमान समय के रक्षाबंधन में अंतर को लेकर उन्होंने कहा कि त्योहार की खुशी और भाई-बहन का रिश्ता आज भी पहले जैसा ही है।
हालांकि रिंकू ने बताया कि बचपन में परिवार के बड़े-बुजुर्ग साथ हुआ करते थे, लेकिन समय के साथ कई लोग उनसे दूर हो गए। इसी वजह से पिछले दो-तीन वर्षों से रक्षाबंधन उनके लिए थोड़ा भावुक समय रहा है।
भाई-बहन का रिश्ता जितना प्यार भरा होता है, उतनी ही उसमें छोटी-मोटी लड़ाइयां भी होती हैं।
खुशबू बोलीं- लड़ाई के साथ प्यार भी बहुत जरूरी
रिपोर्ट के दौरान खुशबू से भी भाई-बहन के रिश्ते को लेकर बातचीत की गई। उन्होंने कहा कि भाई के साथ लड़ाई होती रहती है, लेकिन उसके साथ प्यार भी होता है। उनके मुताबिक भाई-बहन के रिश्ते में नोकझोंक के साथ स्नेह भी बेहद महत्वपूर्ण है और कई बार यही छोटी-छोटी लड़ाइयां रिश्ते को और मजबूत बनाती हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या कभी रक्षाबंधन के दिन ही भाई के साथ लड़ाई हुई है, तो उन्होंने बताया कि ऐसा कोई खास मौका उन्हें याद नहीं है। उन्होंने हंसते हुए कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ।
दूर से भाई के पास जा रही हैं महिलाएं
रक्षाबंधन के मौके पर कई महिलाएं अपने भाइयों से मिलने के लिए दूर-दराज के स्थानों की यात्रा कर रही हैं। रिंकू ने बताया कि वह भी दूर से अपने भाई के पास जा रही हैं और फिलहाल यही उनकी सबसे बड़ी तैयारी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि त्योहार के लिए परिवारों में किस तरह की तैयारियां और उत्साह है।
नौकरी लगने के बाद देंगे गिफ्ट
बातचीत के दौरान जब भाई के लिए रक्षाबंधन के गिफ्ट को लेकर सवाल किया गया, तो जवाब में मजेदार अंदाज भी देखने को मिला। बातचीत में नौकरी लगने के बाद गिफ्ट देने की बात कही गई। इस दौरान माहौल हल्का-फुल्का रहा और बातचीत हंसी-मजाक के साथ आगे बढ़ी।
अजमेर में रक्षाबंधन को लेकर उत्साह
अजमेर बस स्टैंड पर रक्षाबंधन से पहले दिखाई दे रही भीड़ और महिलाओं की बातचीत ने भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक तस्वीर सामने रखी। किसी के लिए यह बचपन की यादों को फिर से जीने का मौका है तो किसी के लिए दूर रहने वाले भाई से मिलने की खुशी। त्योहार के करीब आते ही बस स्टैंड और दूसरे परिवहन केंद्रों पर यात्रियों की आवाजाही और बढ़ने की उम्मीद है।
रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच प्यार, अपनापन और बचपन की यादों को फिर से महसूस करने का अवसर भी है। अजमेर में त्योहार से पहले सामने आई महिलाओं की बातें इसी खट्टे-मीठे रिश्ते की अलग-अलग भावनाओं को सामने लाती हैं।



