अजमेर नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियों के बीच राजस्थान सर्व ब्राह्मण महासभा ने अपनी चुनावी मांगों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। भगवान परशुराम सर्किल मंदिर पर हुई बैठक में महासभा ने 11 सदस्यीय कोर कमेटी का गठन किया। महासभा ने भाजपा और कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दलों से सामान्य वर्ग की सीटों पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को मौका देने और ब्राह्मण समाज को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की है।
- 11 सदस्यीय कोर कमेटी का गठन
- सामान्य वार्डों में सामान्य वर्ग के उम्मीदवार की मांग
- कम से कम आठ ब्राह्मण उम्मीदवारों को टिकट देने की मांग
- सामान्य महिला मेयर की सीट पर ब्राह्मण महिला की मांग
- टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय उम्मीदवार पर विचार
- राजनीतिक दलों को ज्ञापन सौंपने की तैयारी
- मांगें नहीं मानी गईं तो विरोध की चेतावनी
- 11 सदस्यीय कमेटी में ये नाम शामिल
- अजमेर की चुनावी राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
11 सदस्यीय कोर कमेटी का गठन
महासभा की बैठक में तय किया गया कि चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के सामने समाज की मांगें रखी जाएंगी। इसके लिए 11 सदस्यीय कोर कमेटी बनाई गई है। महासभा के अध्यक्ष बलराम शर्मा ने बताया कि कमेटी भाजपा और कांग्रेस के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों से भी संपर्क करेगी।
सामान्य वार्डों में सामान्य वर्ग के उम्मीदवार की मांग
महासभा ने मांग की है कि जिन वार्डों को सामान्य वर्ग के लिए रखा गया है, वहां सामान्य वर्ग के महिला और पुरुष उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जाए। संगठन ने राजनीतिक दलों से ब्राह्मण समाज को उसकी जनसंख्या के आधार पर उचित प्रतिनिधित्व देने की भी मांग की है।
महासभा ने दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों से ब्राह्मण समाज के लिए कम से कम 10-10 टिकट देने की मांग रखी है।
कम से कम आठ ब्राह्मण उम्मीदवारों को टिकट देने की मांग
बैठक में महासभा की ओर से कम से कम आठ ब्राह्मण उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने की मांग सामने रखी गई। बाद में चर्चा के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों से समाज के लोगों को कम से कम 10-10 टिकट देने की अपेक्षा भी जताई गई। महासभा ने कहा कि टिकट ऐसे लोगों को मिलना चाहिए जो वास्तव में समाजसेवा से जुड़े हों।
सामान्य महिला मेयर की सीट पर ब्राह्मण महिला की मांग
अजमेर में सामान्य महिला मेयर की सीट को लेकर भी महासभा ने अपनी मांग स्पष्ट कर दी है। संगठन का कहना है कि इस बार ब्राह्मण समाज की महिला को अजमेर का मेयर बनाया जाना चाहिए। महासभा ने दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों से इस मांग पर विचार करने की अपेक्षा जताई है।
महासभा के अनुसार सामान्य महिला मेयर की सीट का आरक्षित होना सवर्ण समाज के लिए महत्वपूर्ण अवसर है और इसी आधार पर संगठन ब्राह्मण महिला को मेयर पद का उम्मीदवार बनाए जाने की मांग कर रहा है।
टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय उम्मीदवार पर विचार
महासभा ने यह भी संकेत दिया कि यदि सामान्य वार्डों में दोनों प्रमुख राजनीतिक दल ब्राह्मण समाज के उम्मीदवारों को टिकट नहीं देते हैं, तो स्थिति के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। संगठन के मुताबिक जरूरत पड़ने पर किसी मजबूत ब्राह्मण उम्मीदवार को निर्दलीय मैदान में उतारने पर भी विचार किया जा सकता है।
राजनीतिक दलों को ज्ञापन सौंपने की तैयारी
महासभा की ओर से भाजपा और कांग्रेस सहित राजनीतिक दलों को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है। संगठन का कहना है कि चुनाव में समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के चयन को लेकर राजनीतिक दलों से बातचीत की जाएगी।
मांगें नहीं मानी गईं तो विरोध की चेतावनी
महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि राजनीतिक दल समाज की मांगों और हितों की अनदेखी करते हैं, तो बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। संगठन ने जरूरत पड़ने पर विरोध करने और अपने स्तर पर मजबूत उम्मीदवारों को सामने लाने की बात कही है।
11 सदस्यीय कमेटी में ये नाम शामिल
वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार कोर कमेटी में बलराम शर्मा, सुदामा जी, रघुनाथ जी, मोहनलाल पारिंग जी, कुमार कुमार, जय शिव, गोपाल जी, निर्मल जी, विजय जी और गिरधर गौर सहित पदाधिकारियों के नाम बताए गए हैं। कमेटी चुनाव से जुड़े राजनीतिक फैसलों और समाज की मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय करेगी।
अजमेर की चुनावी राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
नगर निगम चुनाव से पहले सर्व ब्राह्मण महासभा की ओर से रखी गई इन मांगों के बाद अजमेर की चुनावी राजनीति में हलचल बढ़ने की संभावना है। टिकट वितरण और मेयर पद के उम्मीदवार को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के फैसलों पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल महासभा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए भाजपा और कांग्रेस समेत सभी दलों के सामने अपनी मांगें रखेगी।



