करीब पांच महीने पुराने पादूकलां हाईवे जाम प्रकरण में पुलिस कार्रवाई शुरू होने से मामला फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है। आरोप है कि सभा के बाद निकले बड़े वाहन काफिले के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर यातायात और आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुईं।
नागौर के पादूकलां में 13 जनवरी को हुए हाईवे जाम मामले में पुलिस ने सांसद हनुमान बेनीवाल समेत कई नेताओं और समर्थकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
राजनीतिक आंदोलन का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन सार्वजनिक सड़क और आपात सेवाओं की बाधा से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।
Kivy News विश्लेषण
क्या है पूरा अपडेट
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 13 जनवरी 2026 को रियाबड़ी क्षेत्र की सार्वजनिक सभा के बाद समर्थक पादूकलां तिराहे की ओर रवाना हुए। करीब 150 वाहनों के काफिले और 200 से 250 लोगों की मौजूदगी का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।
प्रशासन का दावा है कि पादूकलां से थांवला के बाड़ी घाटी टोल प्लाजा तक लगभग 28 किलोमीटर मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। एंबुलेंस, अग्निशमन और सामान्य यात्रियों को देरी का सामना करने की बात भी रिपोर्ट में दर्ज है।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है
प्रकरण में सांसद हनुमान बेनीवाल के साथ डॉ. श्रवण चौधरी, महेंद्र चौधरी तथा अन्य लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। आरोपों की पुष्टि जांच, बयान, वीडियो और प्रशासनिक रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद होगी।
इस रिपोर्ट में उपलब्ध तथ्यों को पाठकों के लिए स्वतंत्र और संक्षिप्त हिंदी रूप में प्रस्तुत किया गया है। अंतिम निर्णय या आधिकारिक स्थिति के लिए संबंधित संस्था के नवीनतम अपडेट को प्राथमिकता दें।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर
मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक सीताराम को सौंपी गई है। पुलिस को यह तय करना है कि जाम की वास्तविक अवधि और प्रभाव कितना था तथा प्रशासनिक निर्देशों के उल्लंघन में किन लोगों की क्या भूमिका रही।
स्रोत संदर्भ: MTTV India — https://www.mttvindia.com/case-registered-against-many-people-including-mp-hanuman-beniwal-in-padukalan-highway-jam-case/




