अजमेर की ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में बड़ी भीड़ के बीच चोरी और जेबकटी की शिकायतों को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। दरगाह के आसपास स्थानीय दुकानदारों और जायरीनों से बातचीत में मोबाइल, नकदी और अन्य सामान चोरी होने की घटनाओं का दावा सामने आया। लोगों के अनुसार भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरे वारदात को अंजाम देते हैं।
- भीड़ को निशाना बनाने का दावा
- तीन-चार लोगों की टीम में चोरी करने का दावा
- दरगाह में भीड़ के दौरान मोबाइल और पर्स चोरी की शिकायतें
- वाराणसी से आए व्यक्ति का मोबाइल और नकदी चोरी होने का दावा
- जायरीनों से की गई सामान सुरक्षित रखने की अपील
- प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
- दरगाह की व्यवस्थाओं को लेकर भी उठे सवाल
- जायरीनों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता
भीड़ को निशाना बनाने का दावा
वीडियो में दरगाह के आसपास मौजूद स्थानीय लोगों से चोरी की घटनाओं को लेकर बातचीत की गई। एक स्थानीय दुकानदार नरेश जेठवानी ने दावा किया कि दरगाह क्षेत्र में जेबकटी की घटनाएं काफी अधिक हैं। उनके मुताबिक दूर-दराज से आने वाले जायरीन अक्सर आस्था और जियारत में व्यस्त रहते हैं और इसी दौरान उनके सामान पर नजर रखने वाले लोग सक्रिय हो जाते हैं।
दुकानदार ने बताया कि उनके साथ भी मोबाइल चोरी की घटना हो चुकी है और उन्होंने इसकी शिकायत प्रशासन से की थी। उनका कहना था कि पुलिस प्रशासन चोरी की घटनाओं को रोकने और आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयास करता है, लेकिन भीड़ के कारण नए लोगों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
भीड़ बढ़ने के साथ जायरीनों को अपने मोबाइल, पर्स और कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
तीन-चार लोगों की टीम में चोरी करने का दावा
वीडियो में स्थानीय लोगों के हवाले से चोरी करने के कथित तरीके का भी जिक्र किया गया। बताया गया कि कुछ मामलों में तीन से चार लोगों की टीम मिलकर भीड़ में किसी व्यक्ति को निशाना बनाती है। पहले ऐसे व्यक्ति को चुना जाता है जिसके पास मोबाइल, पर्स या कोई अन्य कीमती सामान दिखाई देता है।
दावे के अनुसार इसके बाद टीम का एक सदस्य उस व्यक्ति के आसपास रहकर धक्का-मुक्की या भीड़ की स्थिति पैदा करता है। इसी दौरान दूसरा व्यक्ति कथित तौर पर सामान निकाल लेता है और उसे टीम के किसी अन्य सदस्य को दे दिया जाता है। इस तरह चोरी का सामान तुरंत वहां से हटा दिया जाता है। हालांकि वीडियो में बताए गए ये तरीके स्थानीय लोगों के दावे हैं और इनके संबंध में किसी पुलिस अधिकारी की पुष्टि प्रस्तुत नहीं की गई है।
दरगाह में भीड़ के दौरान मोबाइल और पर्स चोरी की शिकायतें
वीडियो में दरगाह के अंदर बड़ी संख्या में जायरीनों की मौजूदगी दिखाई गई। चादर पेश करने और अन्य धार्मिक गतिविधियों के दौरान भीड़ काफी अधिक नजर आई। रिपोर्ट के अनुसार इसी तरह की भीड़ के बीच मोबाइल, नकदी, पर्स और अन्य कीमती सामान चोरी होने की शिकायतें सामने आती हैं।
एक स्थानीय व्यक्ति ने दावा किया कि दरगाह क्षेत्र में रोजाना बड़ी संख्या में मोबाइल चोरी हो जाते हैं। हालांकि वीडियो में बताए गए मोबाइल चोरी के आंकड़े की किसी आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड से पुष्टि नहीं दिखाई गई है।
वाराणसी से आए व्यक्ति का मोबाइल और नकदी चोरी होने का दावा
रिपोर्ट के दौरान एक जायरीन से भी बातचीत की गई, जिसने अपना नाम साहिल खान बताया। उसने बताया कि वह वाराणसी से काम करने के लिए अजमेर आया था। उसके अनुसार रात में सोने के दौरान उसका मोबाइल और नकदी चोरी हो गई। उसने बताया कि उसके पास करीब ₹1100 थे, जो मोबाइल के साथ चोरी हो गए।
साहिल खान के अनुसार उसने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। उसका कहना था कि पुलिस ने सामान तलाशने का आश्वासन दिया, लेकिन बातचीत के समय तक उसे अपना मोबाइल या पैसे वापस नहीं मिले थे।
जायरीनों से की गई सामान सुरक्षित रखने की अपील
स्थानीय लोगों ने दरगाह आने वाले जायरीनों से भीड़ में विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उनका कहना था कि मोबाइल और पर्स को खुले या आसानी से पहुंच वाले स्थान पर रखने के बजाय सुरक्षित तरीके से रखा जाए। साथ ही जरूरत से ज्यादा कीमती सामान लेकर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई।
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि महंगे सामान को होटल या गेस्ट हाउस में सुरक्षित रखने के बाद जियारत के लिए निकलना बेहतर हो सकता है। उनका कहना था कि भीड़ वाले धार्मिक स्थलों पर जायरीनों को अपनी सुरक्षा को लेकर स्वयं भी सतर्क रहना चाहिए।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन से जेबकटी की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। बातचीत में यह भी कहा गया कि दरगाह क्षेत्र में कैमरे लगे होने के बावजूद संदिग्ध लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
कुछ स्थानीय लोगों ने भीख मांगने वाले कुछ लोगों पर भी चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया, लेकिन यह आरोप सभी भिखारियों पर लागू नहीं किया जा सकता। वीडियो में मौजूद लोगों ने स्वयं भी कहा कि किसी व्यक्ति को केवल उसकी स्थिति या पहचान के आधार पर अपराधी नहीं माना जा सकता। इन आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस जांच जरूरी है।
दरगाह की व्यवस्थाओं को लेकर भी उठे सवाल
चोरी की घटनाओं के अलावा स्थानीय लोगों ने दरगाह और आसपास की साफ-सफाई तथा व्यवस्थाओं को लेकर भी अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। उनका कहना था कि अजमेर दरगाह में देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग आते हैं, इसलिए यहां आने वाले जायरीनों को बेहतर व्यवस्थाएं मिलनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से साफ-सफाई, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उनका कहना था कि अजमेर आने वाले जायरीन यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जाना जरूरी है।
जायरीनों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता
वीडियो में सामने आई बातचीत से स्पष्ट है कि दरगाह क्षेत्र में भारी भीड़ के दौरान जायरीनों के सामान की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चिंता बनी हुई है। स्थानीय दुकानदारों और जायरीनों ने पुलिस प्रशासन से निगरानी बढ़ाने और चोरी की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं दरगाह आने वाले लोगों के लिए भी संदेश साफ है कि भीड़ के दौरान मोबाइल, पर्स, नकदी और अन्य कीमती सामान को सुरक्षित रखें। किसी भी चोरी की घटना होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देकर शिकायत दर्ज कराना जरूरी है।



