अजमेर नगर निगम चुनाव 2026 से पहले कांग्रेस ने संगठन में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है। अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से बुधवार को एक निजी होटल में आयोजित संगठनात्मक बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एक मंच पर नजर आए। बैठक में कांग्रेस ने चुनाव में भाजपा को चुनौती देने की रणनीति पर चर्चा की और प्रत्येक वार्ड में स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की बात कही।
- एक मंच पर नजर आए कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता
- टिकट में स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता
- महिला मेयर पद को लेकर कांग्रेस का बड़ा दावा
- महिला के नाम पर पति या परिवार के सदस्य की राजनीति स्वीकार नहीं
- कांग्रेस ने गुटबाजी की चर्चाओं को किया खारिज
- हेमंत भाटी ने अजमेर दक्षिण में कांग्रेस की मजबूत स्थिति का दावा किया
- कार्यकर्ताओं के सम्मान और टिकट के अधिकार पर भी चर्चा
- भाजपा को लेकर कांग्रेस नेताओं ने किए तीखे दावे
- 600 जनसेवकों की सूची और टिकट वितरण की चुनौती
- अजमेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की रणनीति साफ
एक मंच पर नजर आए कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता
कुछ समय पहले तक अजमेर कांग्रेस में अलग-अलग गुटों की चर्चा के बीच आयोजित इस बैठक में डॉ. राजकुमार जयपाल, विजय जैन, हेमंत भाटी, द्रौपदी कोहली, डॉ. श्री गोपाल बाहेती और रामचंद्र चौधरी सहित कई नेता एक मंच पर नजर आए। बैठक का उद्देश्य पार्टी में एकजुटता का संदेश देना और आगामी नगर निगम चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करना बताया गया।
अजमेर जिला प्रभारी रूबी खान ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य इस बार अजमेर नगर निगम से भाजपा को हटाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर रहेगा। कांग्रेस महासचिव विवेक पारशर ने भी चुनाव में पार्टी की बड़ी जीत का दावा किया।
टिकट में स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता
बैठक के दौरान टिकट वितरण को लेकर भी पार्टी की रणनीति सामने आई। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जिस वार्ड का कार्यकर्ता उसी वार्ड का निवासी है, उसे प्राथमिकता देने पर जोर रहेगा। परिसीमन के कारण यदि किसी व्यक्ति का घर वार्ड की सीमा के दूसरी तरफ चला गया है तो ऐसे मामलों पर विचार किया जा सकता है, लेकिन कई वार्ड दूर से आकर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता नहीं देने की बात कही गई।
स्थानीय कार्यकर्ता को प्राथमिकता मिलेगी और टिकट वितरण में वार्ड के स्थानीय लोगों पर विशेष जोर रहेगा।
महिला मेयर पद को लेकर कांग्रेस का बड़ा दावा
अजमेर मेयर पद के लिए सामान्य वर्ग की महिला सीट निर्धारित होने के बाद कांग्रेस ने महिला उम्मीदवार को आगे करने के संकेत दिए हैं। पार्टी की ओर से कहा गया कि जो महिला उम्मीदवार निर्धारित पद की योग्यता और श्रेणी की आवश्यकताओं को पूरा करती है, उसे आगे बढ़ाया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि इस बार महिला उम्मीदवार को ही मेयर पद के लिए आगे किया जाएगा।
महिला के नाम पर पति या परिवार के सदस्य की राजनीति स्वीकार नहीं
कांग्रेस की अजमेर प्रभारी ने महिला उम्मीदवारों को लेकर पार्टी का रुख भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यदि महिला उम्मीदवार है तो चुनावी प्रक्रिया और राजनीतिक गतिविधियों में महिला की स्वयं की भागीदारी होनी चाहिए। केवल महिला के नाम का इस्तेमाल कर उसके पति, पिता या भाई द्वारा राजनीतिक गतिविधियां संचालित करने की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला के नाम पर उम्मीदवार का फॉर्म है तो संबंधित महिला को स्वयं सामने आना होगा। पार्टी ने इस मुद्दे को अजमेर शहर, किशनगढ़, अजमेर ग्रामीण और अजमेर शहरी संगठन में गंभीरता से लागू करने की बात कही।
कांग्रेस ने गुटबाजी की चर्चाओं को किया खारिज
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने पार्टी में गुटबाजी की चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता एक साथ हैं। पार्टी नेताओं के मुताबिक टिकट वितरण को लेकर अलग-अलग दावेदारों और कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद होना एक बड़े राजनीतिक संगठन में सामान्य बात है, लेकिन चुनाव के दौरान सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश की जाएगी।
अजमेर जिला प्रभारी रूबी खान ने कहा कि सभी वरिष्ठ नेताओं की बात सुनी जाएगी और महत्वपूर्ण निर्णयों में सभी की भागीदारी रहेगी। उनका कहना था कि कांग्रेस एक बड़े परिवार की तरह है और संगठन के भीतर होने वाली छोटी-मोटी असहमति को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है।
हेमंत भाटी ने अजमेर दक्षिण में कांग्रेस की मजबूत स्थिति का दावा किया
अजमेर दक्षिण से कांग्रेस के प्रमुख नेता हेमंत भाटी ने क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत बताया। उन्होंने कहा कि अजमेर दक्षिण क्षेत्र में गरीब और आम वर्ग की बड़ी आबादी रहती है और कांग्रेस लंबे समय से इन वर्गों के मुद्दों को उठाती रही है।
उन्होंने रोजगार, आर्थिक विकास और आम लोगों के हित से जुड़े मुद्दों पर काम करने की बात कही। साथ ही उन्होंने अजमेर शहर में लंबे समय से भाजपा के नगर निगम बोर्ड के बने रहने का उल्लेख करते हुए जनता से बदलाव के लिए कांग्रेस को मौका देने की अपील की।
कार्यकर्ताओं के सम्मान और टिकट के अधिकार पर भी चर्चा
बैठक में लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं के सम्मान का मुद्दा भी सामने आया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जो कार्यकर्ता वर्षों से धरने, प्रदर्शन, रैलियों और चुनावी गतिविधियों में पार्टी के साथ रहे हैं, उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
एक नेता ने कहा कि करीब 9 साल 8 महीने से पार्टी के साथ सक्रिय रूप से जुड़े कार्यकर्ताओं के अधिकार और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रहेगा। पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से भी कार्यकर्ताओं के सम्मान को लेकर आश्वासन मिलने की बात कही गई।
भाजपा को लेकर कांग्रेस नेताओं ने किए तीखे दावे
बैठक के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के लंबे समय से नगर निगम में बने बोर्ड पर भी निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि इस बार पार्टी भाजपा के नगर निगम बोर्ड को हटाकर अपना बोर्ड बनाने की स्थिति में पहुंचेगी। हालांकि ये नेताओं के राजनीतिक दावे हैं और चुनाव परिणाम अभी सामने नहीं आए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के भीतर संभावित बगावत और असंतोष का भी दावा किया। बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने और घर-घर जाकर प्रचार करने की अपील की गई।
600 जनसेवकों की सूची और टिकट वितरण की चुनौती
कांग्रेस की ओर से करीब 600 जनसेवकों की सूची तैयार किए जाने की बात भी सामने आई। टिकट वितरण के बाद संभावित असंतोष और बगावत को लेकर सवाल पूछे जाने पर पार्टी नेताओं ने कहा कि टिकट नहीं मिलने पर कुछ लोगों में निराशा होना स्वाभाविक है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी एक बड़ा परिवार है और टिकट वितरण के बाद पैदा होने वाली परिस्थितियों को संगठन के स्तर पर संभाल लिया जाएगा। पिछले चुनावों के दौरान टिकट वितरण को लेकर विवाद और कार्यकर्ताओं के बीच हुई घटनाओं का भी संदर्भ सामने आया, लेकिन पार्टी ने इस बार ऐसी परिस्थितियों को सुलझाने का भरोसा जताया।
अजमेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की रणनीति साफ
अजमेर नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस की बैठक से पार्टी की चुनावी रणनीति के कई संकेत सामने आए हैं। स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता, महिला उम्मीदवार को आगे बढ़ाना, पुराने कार्यकर्ताओं के सम्मान और संगठन की एकजुटता को पार्टी ने अपनी रणनीति के प्रमुख हिस्सों के रूप में सामने रखा है।
अब नजरें टिकट वितरण पर रहेंगी। टिकटों के ऐलान के बाद पार्टी अपनी एकजुटता को कितनी मजबूती से बनाए रख पाती है और स्थानीय कार्यकर्ताओं को कितनी प्राथमिकता मिलती है, यह अजमेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की रणनीति की वास्तविक परीक्षा होगी।



