अजमेर निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर विवाद सामने आया है। राजस्थान महिला कांग्रेस की स्टेट वाइस प्रेसिडेंट प्रियंका चौधरी ने वार्ड नंबर 4 से अपनी दावेदारी पेश करते हुए शहर जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रियंका चौधरी का कहना है कि वार्ड नंबर 4 महिला ओबीसी के लिए आरक्षित है और उन्होंने करीब 10 दिन पहले ही अपनी दावेदारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भेज दी थी। इसके बावजूद मीडिया में यह बात सामने आई कि कांग्रेस के पास इस वार्ड से कोई उम्मीदवार नहीं है।
वार्ड नंबर 4 से प्रियंका चौधरी ने जताई दावेदारी
प्रियंका चौधरी ने बताया कि वार्ड नंबर 4 महिला ओबीसी आरक्षित है। उन्होंने करीब 10 दिन पहले अपनी दावेदारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भेज दी थी। उनका कहना है कि उन्होंने अपना बायोडाटा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं तक भी पहुंचाया है।
प्रियंका चौधरी ने सवाल उठाया कि जब वह स्वयं इस वार्ड से पार्टी टिकट की दावेदार हैं और पार्टी की महिला कांग्रेस में प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, तो फिर यह कैसे कहा जा सकता है कि कांग्रेस के पास वार्ड नंबर 4 से कोई उम्मीदवार नहीं है।
“महिला हूं, अपना हक लेकर रहूंगी।”
‘महिला का अधिकार छीनने की कोशिश’ का आरोप
प्रियंका चौधरी ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 4 से उम्मीदवार नहीं होने की बात कहना उनके राजनीतिक अधिकार को नजरअंदाज करने जैसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार महिलाओं को सशक्त बनाने की बात करती है, लेकिन जब एक सक्रिय महिला कार्यकर्ता खुद चुनाव लड़ने के लिए सामने आती है तो उसे अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से कांग्रेस के लिए काम कर रही हैं और जमीनी स्तर पर महिलाओं तथा आम लोगों के बीच सक्रिय रहती हैं। उनके मुताबिक पार्टी में मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए।
निर्दलीय चुनाव लड़ने का भी दिया संकेत
प्रियंका चौधरी ने कहा कि यदि कांग्रेस की ओर से उनकी दावेदारी को नजरअंदाज किया जाता है, तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ने पर भी विचार कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य अपना राजनीतिक हक हासिल करना है और वह पीछे हटने वाली नहीं हैं।
DCC अध्यक्ष राजकुमार जयपाल पर भी सवाल
प्रियंका चौधरी ने शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल से मिलने की कोशिश का भी जिक्र किया। उनके अनुसार वह उनसे मिलने के लिए पहुंचीं, लेकिन उन्हें बताया गया कि जयपाल वहां नहीं हैं और उन्हें जयपुर जाकर बात करने के लिए कहा गया।
प्रियंका चौधरी ने इस व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वह पार्टी की स्टेट वाइस प्रेसिडेंट हैं और सामान्य तरीके से अपनी बात रखने के लिए गई थीं। उनके मुताबिक यदि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ता अपनी बात नहीं रख सकता तो उसे अपनी समस्या किसके सामने रखनी चाहिए, यह सवाल भी महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस में मनभेद और मतभेद की चर्चा
बातचीत के दौरान कांग्रेस के भीतर मनभेद और मतभेद को लेकर भी सवाल उठे। प्रियंका चौधरी ने कहा कि वह किसी विवाद को बढ़ाना नहीं चाहतीं, लेकिन वार्ड नंबर 4 से उम्मीदवार को लेकर लगातार सामने आ रहे बयानों के कारण उन्हें अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि जीत या हार बाद की बात है, लेकिन यदि कोई कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है तो पार्टी के पास अपना उम्मीदवार होने की बात स्पष्ट रूप से सामने आनी चाहिए।
ग्राउंड लेवल कार्यकर्ताओं में नाराजगी का दावा
वीडियो में बातचीत के दौरान यह दावा भी सामने आया कि कांग्रेस के ग्राउंड लेवल कार्यकर्ताओं में शहर जिला कांग्रेस कमेटी को लेकर नाराजगी है। रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर भी कार्यकर्ताओं की ओर से DCC को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
हालांकि DCC की ओर से प्रियंका चौधरी के आरोपों पर कोई अलग पक्ष इस वीडियो में सामने नहीं आया है। इसलिए टिकट वितरण को लेकर अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व की ओर से होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
टिकट को लेकर कांग्रेस के सामने चुनौती
अजमेर निकाय चुनाव से पहले वार्ड नंबर 4 का विवाद कांग्रेस के लिए चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। एक तरफ प्रियंका चौधरी अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के पास उम्मीदवार नहीं होने की चर्चा को लेकर उन्होंने सवाल खड़े किए हैं। अब नजर कांग्रेस नेतृत्व के अंतिम निर्णय पर है कि वार्ड नंबर 4 से किसे उम्मीदवार बनाया जाता है।



