अजमेर के वार्ड 59 में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी विवाद गहराता नजर आ रहा है। पूर्व पार्षद श्रवण कुमार सन्नू ने क्लॉक टावर थाने में जितेंद्र अरोड़ा के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, मामले से जुड़ा एक कथित ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें एक आवाज श्रवण कुमार से उनकी पत्नी का वार्ड 59 से नामांकन वापस लेने की बात कहती सुनाई दे रही है।
कथित ऑडियो में श्रवण कुमार और एक व्यक्ति के बीच चुनावी टिकट को लेकर बातचीत सुनाई देती है। बातचीत में पत्नी का कांग्रेस से टिकट फाइनल होने और नामांकन दाखिल किए जाने का जिक्र है। ऑडियो में श्रवण कुमार से पत्नी को समझाकर नामांकन वापस लेने का प्रयास करने की बात भी कही गई है।
नामांकन वापस लेने को लेकर दबाव का आरोप
श्रवण कुमार ने आरोप लगाया कि जितेंद्र अरोड़ा ने उन्हें पत्नी का नामांकन वापस लेने के लिए धमकाया। उनके अनुसार, उन्हें पत्नी को जेल भेजने और खुद के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई तथा नामांकन वापस नहीं लेने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
श्रवण कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले उन्हें फोन कर बुलाया गया था। उनके अनुसार, वहां पहुंचने के बाद उन्हें कमरे में बंद कर हाथापाई की गई और नामांकन वापस लेने तथा कांग्रेस से टिकट लेने को लेकर सवाल किए गए। उन्होंने वहां से निकलने के बाद संबंधित नंबर ब्लॉक करने की बात भी कही।
पूर्व पार्षद ने अपने और परिवार की सुरक्षा के साथ निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की।
निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग
शिकायत के बाद श्रवण कुमार क्लॉक टावर थाने पहुंचे और अपने, अपने परिवार तथा पत्नी की सुरक्षा की मांग की। उन्होंने प्रशासन से मामले में सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
मामले को लेकर श्रवण कुमार के परिवार और सेन समाज के सदस्यों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में जितेंद्र उर्फ जीतू अरोड़ा पर लगातार नामांकन वापस लेने को लेकर धमकियां देने का आरोप लगाया गया है।
कथित ऑडियो की पुष्टि नहीं
मामले में सामने आए ऑडियो को लेकर अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि उसमें सुनाई दे रही आवाज पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह शेखावत की ही है। उपलब्ध वीडियो सामग्री में भी स्पष्ट किया गया है कि वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए ऑडियो में मौजूद दावों को फिलहाल कथित तौर पर ही देखा जा रहा है।
मामले के सामने आने के बाद वार्ड 59 में चुनावी माहौल और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। चुनाव नजदीक होने के चलते इस विवाद का असर स्थानीय राजनीति पर पड़ने की संभावना बनी हुई है।



