अजमेर के जेएलएन अस्पताल में वायरल इंफेक्शन के मरीज बढ़े, डॉक्टरों ने बारिश के मौसम में बरती सावधानी की सलाह

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अजमेर में मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव, बारिश के बदलते पैटर्न और वातावरण में नमी के बीच जेएलएन अस्पताल में वायरल इंफेक्शन से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बदलते मौसम में स्वास्थ्य और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।

जेएलएन अस्पताल के डॉक्टर संदीप महेश्वरी ने बताया कि साल में मौसम के बदलाव के दौरान खासकर बरसात और सर्दी के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बरसात में मच्छर-मक्खियों की संख्या बढ़ने और खान-पान में सावधानी नहीं रखने से पेट से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं, जबकि ठंड के मौसम में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

हेल्थ हाइजीन पर विशेष ध्यान देने की सलाह

डॉक्टरों ने बदलते मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए हेल्थ हाइजीन और फूड हाइजीन का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। नियमित रूप से नहाने, नाखून छोटे रखने और दांतों की सफाई करने के साथ-साथ खाने-पीने की चीजों को अच्छी तरह साफ करके इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।

डॉक्टरों के अनुसार कच्ची सब्जियों और सलाद को अच्छी तरह धोकर ही खाना चाहिए। बरसात के मौसम में बाजार में खुले में मिलने वाली गोलगप्पे, दही और अन्य कच्ची खाद्य सामग्री से बचने की सलाह दी गई है। बाहर का तला-भुना और अस्वच्छ भोजन भी पेट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।

अगर खांसी-जुकाम है तो मास्क लगाएं और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

जेएलएन अस्पताल के चिकित्सक

H1N1 को लेकर डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह

H1N1 वायरस को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉक्टर ने बताया कि अखबारों में इसके प्रकोप की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि जेएलएन अस्पताल में अभी तक इसके बहुत अधिक गंभीर मामले देखने को नहीं मिले हैं। डॉक्टरों ने लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी है।

जेएलएन अस्पताल की ओपीडी करीब 350 मरीज प्रतिदिन

ईएनटी विभाग के डॉक्टर के अनुसार अस्पताल के विभाग में प्रतिदिन करीब 350 मरीजों की ओपीडी रहती है। इनमें लगभग 40 प्रतिशत मरीज वायरल इंफेक्शन से संबंधित बताए गए हैं। डॉक्टरों ने खांसी-जुकाम और वायरल संक्रमण के लक्षण होने पर मास्क लगाने तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने की सलाह दी है।

आंखों पर भी पड़ रहा मौसम में बदलाव का असर

बदलते मौसम और वातावरण में मौजूद धूल-मिट्टी का असर आंखों पर भी पड़ सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक एलर्जी के कारण आंखों में लालिमा, जलन और खुजली जैसी समस्या हो सकती है। धूल और एलर्जी से बचने के लिए मास्क का इस्तेमाल करने और आंखों की सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

तला-भुना और बाहर का खाना खाने से बचें

गर्मी और बदलते मौसम के दौरान बाहर का तला-भुना खाना स्वास्थ्य के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। डॉक्टरों ने गैस्ट्राइटिस और पेट से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए तला-भुना भोजन कम करने और बाहर के अस्वच्छ खाने से बचने की सलाह दी है।

डॉक्टरों ने दिया हेल्दी लाइफस्टाइल का संदेश

डॉक्टरों ने लोगों को स्वस्थ रहने के लिए सुबह प्राणायाम और एक्सरसाइज करने, मॉर्निंग वॉक करने और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी है। साथ ही जंक फूड और तले हुए खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर अधिक मात्रा में फलों का सेवन करने पर जोर दिया गया।

मौसम में बदलाव के बीच जेएलएन अस्पताल के विशेषज्ञों ने लोगों से साफ-सफाई, खान-पान और संक्रमण से बचाव के उपायों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। खांसी-जुकाम जैसे लक्षण होने पर मास्क का इस्तेमाल और भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूरी बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।

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