अजमेर नगर निकाय चुनाव में नामांकन वापस लेने का आज अंतिम दिन रहा। प्रत्याशियों के पास दोपहर 3 बजे तक अपना नामांकन वापस लेने का समय था। कलेक्ट्रेट स्थित रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में सुबह से ही बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन वापसी के लिए पहुंचे। नामांकन वापसी के अंतिम दिन कांग्रेस और भाजपा दोनों की ओर से निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों को अपने पक्ष में करने की कोशिशों के बीच चुनावी समीकरण बदलते नजर आए।
वीडियो रिपोर्ट के अनुसार इस बार अजमेर नगर निकाय चुनाव में बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन वापसी के अंतिम दिन कलेक्ट्रेट परिसर में इन प्रत्याशियों की भीड़ देखने को मिली। अब नामांकन वापसी के बाद सभी वार्डों में मुकाबले की तस्वीर और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
वार्ड 13 में निर्दलीय प्रत्याशी ने कांग्रेस को दिया समर्थन
नामांकन वापस लेने वालों में वार्ड नंबर 13 से निर्दलीय प्रत्याशी नफीस भी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि उन्होंने निर्दलीय के तौर पर चुनावी फॉर्म भरा था, लेकिन उनके परिवार के चाचा को कांग्रेस का सिंबल मिलने के बाद उन्होंने परिवार के विरुद्ध चुनाव लड़ने के बजाय अपना नामांकन वापस लेने का फैसला किया। उन्होंने कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही। निर्दलीय से फॉर्म भरा था, लेकिन अब पूरा समर्थन कांग्रेस पार्टी को रहेगा।
नफीस ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस से टिकट के लिए आवेदन भी किया था, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। अब उन्होंने अपना नामांकन वापस लेकर कांग्रेस पार्टी को समर्थन देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी वोटिंग कांग्रेस के पक्ष में रहेगी।
उजेर आलम ने भी नामांकन वापस लिया
वार्ड नंबर 13 से ही उजेर आलम ने भी अपना निर्दलीय नामांकन वापस लिया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी की ओर से समझाइश किए जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया। उन्होंने यह भी बताया कि उनका परिवार कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने के कारण उन्होंने निर्दलीय फॉर्म भरा था।
नामांकन वापस लेने के बाद उजेर आलम ने कांग्रेस पार्टी को चुनाव में जिताने के लिए काम करने की बात कही। उनके अनुसार अब वह पार्टी के साथ खड़े रहेंगे।
भाजपा के समर्थन में भी नामांकन वापसी का दावा
रिपोर्ट में अधिवक्ता उदय प्रताप ने नामांकन वापसी के दिन के राजनीतिक माहौल पर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि कई निर्दलीय प्रत्याशियों और कांग्रेस के बागी प्रत्याशियों ने भाजपा के समर्थन में अपना नामांकन वापस लिया है।
उन्होंने उदाहरण के तौर पर यश जोशी और उनके पिता का उल्लेख किया तथा कहा कि उनके पिता ने नामांकन वापस लेकर भाजपा का दामन थामा है। वहीं वार्ड नंबर 7 को हॉट सीट बताते हुए उन्होंने कहा कि महेंद्र सिंह रावत को भाजपा ने मनाने में सफलता हासिल की और उनके भाजपा के साथ आने का दावा किया गया।
भाजपा के पूर्ण बहुमत का दावा
अधिवक्ता उदय प्रताप ने दावा किया कि आगामी 14 तारीख को आने वाले परिणाम भाजपा के पक्ष में होंगे और अजमेर में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ बोर्ड बनाएगी। हालांकि यह बयान राजनीतिक दावे के रूप में सामने आया है और वास्तविक परिणाम चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
कलेक्ट्रेट में दिनभर रही प्रत्याशियों की भीड़
नामांकन वापसी के अंतिम दिन अजमेर कलेक्ट्रेट स्थित नगर निगम के रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में बड़ी संख्या में प्रत्याशी पहुंचे। रिपोर्ट में बताया गया कि जिस तरह नामांकन दाखिल करने के दौरान कलेक्ट्रेट में भीड़ देखने को मिली थी, उसी तरह नामांकन वापस लेने के लिए भी बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी पहुंचे।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि निर्दलीय प्रत्याशियों पर भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से नामांकन वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। हालांकि यह रिपोर्ट में मौजूद पक्ष का दावा है; इस संबंध में संबंधित राजनीतिक दलों की अलग-अलग प्रतिक्रिया इस सामग्री में दर्ज नहीं है।
नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अजमेर नगर निकाय चुनाव में मैदान में बचे प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर सामने आएगी। किस वार्ड में कितने प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे और निर्दलीय प्रत्याशियों के हटने से कांग्रेस तथा भाजपा के समीकरणों पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले चुनावी परिणामों में स्पष्ट होगा।



